गांव की ओर लौटो – 1 ~ अतुल पांडेय
90 के दशक में शुरू हुए उदारीकरण के बाद गांवों से शहरों की तरफ पलायन एक सामान्य प्रक्रिया बन गई है । आज के समय में शहर को समस्त संभावनाओं का केंद्र मान लिया गया है ।शहर सपनों को पूरा करने का जरूरी जरिया बन गए हैं।शहर समाधान हैं और शहरीकरण भारत का भविष्य ,ऐसी मान्यता बन चली है।
