दिल्ली और अन्य बड़े शहरों में वायु प्रदूषण एक विकराल समस्या बन चुका है। हर सर्दी के मौसम में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच जाता है। वायु प्रदूषण से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों के कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में एयर प्यूरीफायर (Air Purifiers) लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक आवश्यक उपकरण बन गए हैं। इस लेख में हम एयर प्यूरीफायर के महत्व, उनकी कार्यप्रणाली, प्रकार, लाभ, लागत और बिजली खपत पर चर्चा करेंगे।
एयर प्यूरीफायर क्या हैं और यह कैसे काम करते हैं?
एयर प्यूरीफायर एक ऐसा उपकरण है, जो हवा में मौजूद हानिकारक कणों को फ़िल्टर करता है। यह मुख्यतः धूल, धुआं, पराग कण (pollen), बैक्टीरिया, वायरस और अन्य प्रदूषकों को हटाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
मुख्य तकनीकें:
- HEPA फ़िल्टर (High Efficiency Particulate Air):
- हवा में मौजूद 99.97% तक छोटे कणों (0.3 माइक्रोन तक) को फ़िल्टर करता है।
- धूल, धुआं और पराग कणों के लिए प्रभावी।
- एक्टिवेटेड कार्बन फ़िल्टर:
- गैस, गंध और वाष्पशील कार्बनिक यौगिक (VOC) को अवशोषित करता है।
- रसोई या धुएं की गंध को हटाने में मददगार।
- UV तकनीक:
- बैक्टीरिया और वायरस जैसे सूक्ष्मजीवों को मारने के लिए पराबैंगनी किरणों का उपयोग।
- आयनाइज़र:
- हवा में मौजूद कणों को चार्ज करता है, जिससे वे आपस में चिपककर भारी हो जाते हैं और सतह पर गिर जाते हैं।
- ओज़ोन जनरेटर:
- यह उपकरण ओज़ोन गैस बनाकर प्रदूषकों को नष्ट करता है, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
एयर प्यूरीफायर की लागत और बिजली खपत
1. एयर प्यूरीफायर की कीमत:
एयर प्यूरीफायर की कीमत उसके आकार, तकनीक और ब्रांड पर निर्भर करती है।
- बेसिक पोर्टेबल मॉडल: ₹5,000-₹10,000
- मध्यम रेंज: ₹12,000-₹25,000
- प्रीमियम मॉडल: ₹30,000-₹50,000
- स्मार्ट और सेंट्रल एयर प्यूरीफायर: ₹1,00,000 या उससे अधिक
2. बिजली खपत:
एयर प्यूरीफायर के प्रकार और मॉडल के आधार पर बिजली खपत अलग-अलग हो सकती है।
- औसत बिजली खपत: 30W से 70W
- उच्च प्रदर्शन वाले मॉडल: 100W से 150W
- मासिक बिजली बिल पर प्रभाव: अगर इसे दिनभर (24 घंटे) चलाया जाए, तो महीने में ₹250-₹500 का अतिरिक्त बिल आ सकता है (बिजली दर ₹6-₹8 प्रति यूनिट मानते हुए)।
एयर प्यूरीफायर का चुनाव कैसे करें?
1. कवरेज एरिया:
- आपके कमरे या घर के क्षेत्रफल के अनुसार उपकरण का चयन करें।
- छोटे कमरों के लिए पोर्टेबल मॉडल, जबकि बड़े स्थानों के लिए सेंट्रल एयर प्यूरीफायर उपयुक्त है।
2. CADR (Clean Air Delivery Rate):
- यह दर बताती है कि एयर प्यूरीफायर कितनी जल्दी हवा को साफ कर सकता है।
- उच्च CADR बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करता है।
3. फ़िल्टर का प्रकार और गुणवत्ता:
- HEPA और एक्टिवेटेड कार्बन फ़िल्टर वाले उत्पादों को प्राथमिकता दें।
4. शोर स्तर:
- रात में उपयोग के लिए कम शोर वाला उपकरण चुनें।
5. ब्रांड और गारंटी:
- विश्वसनीय ब्रांड और लंबी गारंटी वाले उपकरण अधिक सुरक्षित हैं।
एयर प्यूरीफायर के लाभ
- स्वास्थ्य की रक्षा:
- फेफड़ों और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
- एलर्जी और अस्थमा के रोगियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी।
- स्वच्छ वातावरण:
- धूल, धुआं और गंध को कम करके घर का वातावरण स्वच्छ बनाता है।
- बेहतर नींद:
- स्वच्छ हवा में सोने से नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है।
- बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा:
- कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए बेहद फायदेमंद।
क्या एयर प्यूरीफायर समाधान है?
शॉर्ट-टर्म समाधान:
एयर प्यूरीफायर केवल घर या कार्यालय की हवा को शुद्ध कर सकते हैं। ये बाहरी वायु प्रदूषण को नियंत्रित नहीं करते।
लॉन्ग-टर्म समाधान:
- हरित क्षेत्र बढ़ाना: पेड़-पौधों की संख्या बढ़ाने से प्रदूषण में कमी लाई जा सकती है।
- स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग: सोलर और पवन ऊर्जा को बढ़ावा देना।
- पर्यावरणीय नियमों का पालन: उद्योगों और वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना।
- पराली जलाने पर सख्त नियम: किसानों को जागरूक करना और वैकल्पिक तकनीक प्रदान करना।
एयर प्यूरीफायर बिगड़ती वायु गुणवत्ता के खिलाफ एक प्रभावी उपाय है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। हमें व्यक्तिगत स्तर पर जिम्मेदारी उठानी होगी और वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। जागरूकता, नीति और तकनीक का सही संयोजन ही इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान प्रदान कर सकता है।