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Delhi Cyclists

Delhi Cyclists: बढ़ती गर्मी में साइकिल की ट्रिंग-ट्रिंग

साइकिल ने बहुत लंबा सफर तय किया है। एक समय था जब साइकिल को एक खास चीज़ माना जाता था और  एक समय था जब दिल्ली की सड़कों पर साइकिल आम दिखाई देती थी। उसकी घंटी की ट्रिंग-ट्रिंग की आवाज़ शहर में सुनाई देती थी। आज दिल्ली की सड़कों पर मोटर गाड़ियों और दोपहिया वाहनों…

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Future of India's Air Conditioner

Is the Air Conditioner Really India’s Future? Energy and Cooling Models

A comprehensive analysis of India’s future of air conditioner amid rising temperatures, air conditioners, energy security, and environmental challenges. Over the past decade, heat in India has ceased to be merely a seasonal phenomenon and has emerged as a serious national challenge linked to public health, urban planning, energy security, and environmental protection. Heat is…

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दिल्ली की हवा और हमारा भ्रम

दिल्ली की हवा और हमारा भ्रम

वायु प्रदूषण पर हमारी वैज्ञानिक समझ जितनी गहरी होती जा रही है, उससे निपटने की हमारी क्षमता उतनी ही घटती दिखती है। पर्यावरण पत्रकार सोपान जोशी ने एक बार लिखा थे कि विज्ञान और आंकड़ों की भाषा कई बार उस कठिन चीज़ को नहीं समझा पाती जिसे साहित्य सहजता से समझा देता है। वह मीर…

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थर्मली-इफिशिएंट रूफ शहरी भारत के लिए जरूरी समाधान

थर्मली-इफिशिएंट रूफ : शहरी भारत के लिए जरूरी समाधान

धरती का बढ़ता तापमान आज पूरी दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। भारत सहित दुनिया के विकासशील देशों के लिए यह समस्या और गंभीर है, क्योंकि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और अनियोजित निर्माण ने शहरों को गर्मी के केंद्र में बदल दिया है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) की एक…

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जलवायु पर आईसीजे का फैसला: भारत के लिए चेतावनी और अवसर

जलवायु पर आईसीजे का फैसला: भारत के लिए चेतावनी और अवसर

हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) द्वारा दिया गया परामर्शात्मक निर्णय, जिसमें जलवायु परिवर्तन को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियों को ‘अवैध’ करार दिया गया है, भारत जैसे देशों के लिए एक मिश्रित प्रभाव लेकर आया है। यह निर्णय जहां एक ओर जलवायु न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा…

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क्लाइमेट फाइनेंस टैक्सोनॉमी

भारत की नई क्लाइमेट फाइनेंस टैक्सोनॉमी

21वीं सदी की सबसे बड़ी चुनौतीजलवायु परिवर्तन है। पूरी दुनिया में जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव आज देखे जा सकते हैं। दुनिया की सबसे बड़ी आबादी होने के नाते जलवायु परिवर्तन का प्रभाव भारत पर भी पड़ने वाला है। भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश के लिए सवाल सिर्फ नीतियों का नहीं, निवेश और वित्त प्रवाह…

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शहरों का ट्रैफिक: रफ्तार थमी नहीं, उलझ गई है

शहरों का ट्रैफिक: रफ्तार थमी नहीं, उलझ गई है

क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे जीवन के कितने साल ट्रैफिक जाम में बर्बाद हो जाते हैं! भारत के शहरों में गाड़ियाँ चलती तो हैं, पर रफ्तार खो चुकी हैं। महानगरों की सड़कों पर जाम अब एक दैनिक असुविधा नहीं, बल्कि हमारी नीति और प्राथमिकताओं की नाकामी का स्थायी प्रतीक बन चुका है। जब…

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डेंटल अमलगम : स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए एक अदृश्य ज़हर

डेंटल अमलगम : स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए एक अदृश्य ज़हर

दंत चिकित्सा में प्रयुक्त डेंटल अमलगम दशकों से दांतों की भराई का एक आम तरीका रहा है, लेकिन अब यह चिकित्सा सुविधा एक गंभीर पर्यावरणीय और सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट में बदलती जा रही है। डेंटल अमलगम का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा मरकरी से बना होता है, जो पृथ्वी पर पाए जाने वाले सबसे विषैले तत्वों…

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कोयले को बंद करना नहीं

कोयले को बंद करना नहीं, उसे स्वच्छ बनाना है चुनौती

भारत में विकास की गति के साथ बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। अनुमान है कि आने वाले कुछ वर्षों में देश में कोयले से बिजली बनाने की क्षमता 280 गीगावॉट से ज्यादा हो जाएगी। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या पर्यावरण को बचाने के लिए कोयले का इस्तेमाल पूरी तरह…

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भारत में पशुओं के साथ यौन संबंध (Bestiality) पर कानून

भारत में पशुओं के साथ यौन संबंध (Bestiality) पर कानून

भारत जैसे सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों से समृद्ध देश में पशु यौन संबंध (Bestiality) को न केवल एक गहन नैतिक अपराध के रूप में देखा जाता है, बल्कि यह सामाजिक मर्यादाओं और पशु कल्याण सिद्धांतों का भी घोर उल्लंघन माना गया है। 1 जुलाई 2024 तक यह अपराध भारतीय दंड संहिता, 1860 (IPC) की धारा…

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